09 Best Hindi Love on Kavita 2022 | बेहतरीन हिंदी लव कविता

Best Hindi Love on Kavita | बेहतरीन हिंदी लव कविता | Love Poetry in Hindi |  Love Poem in Hindi | प्रेमिका के लिए हिंदी शायरी | Love Poetry in Hindi for gf | रोमांटिक कविता इन हिंदी | Romantic Love Poetry in Hindi | प्रेमिका के लिए रोमांटिक कविता | Love Poem in Hindi for Girlfriend.

Hindi Love on Kavita 2022

बड़ी मुश्किल से निकला……

बडी मुश्किल से निकला हूँ तेरे दर से बेआबरू होकर
सोचता हूँ क्या करूँगा अब मैं ये जिंदगी जीकर

बड़ी मुश्किल से निकला……।

तू समझती है गुलाम मुझको अपने मदीने की
और मैं दे चुका हूँ हर सांस तुझ्को अपने सीने की
किसी दिन इन्तहा मत होने देना कि मना कर दूं खाने से ठोकर

बड़ी मुश्किल से निकला…….।

पूछ लें माँ बाप से अपने क्या अहसान है मेरे
जो तुम लोग मुस्कराते हो उसमे लगे है जान मेरे
तड़पेगी तो तू भी मैं जानता हूँ मुझको खोकर

बड़ी मुश्किल से…..।

तेरी वो बेवफाई के खिस्से सारे शहर मे मशहूर होंगे
जब तू बरबाद हो जाएगी तो इल्म तुझ्को भी जरूर होंगे
आँशु भी न निकलेगा तेरी आँखों से तू थक जाएगी रो रो कर

बड़ी मुश्किल से निकला…..।।

 

 Love Poetry in Hindi for Gf

कुछ अंदाज…….

कुछ अंदाज नया सा है बाकी सब वहीं पुराना है
हमसे तो खुल कर बाते कर तेरा मेरा याराना है.

कुछ अंदाज…….

ये महफ़िल भी तेरी है सब लोग तुम्हारे है
हम तब भी बेगाने थे और अब भी बेगाने है
नही बदला है मेरा कुछ भी अब भी वही ठिकाना है

कुछ अंदाज…

अब भी महफ़िल मैं तुम मुझसे बाते करने से कतराते हो
क्यों फिर मिलकर के अकेले में मुझे अपना बताते हो
तू रूठा रहता हैं फिर भी तेरा अंदाज निराला है

कुछ अंदाज……

किस रंजोगम का अब भी तुम हमसे बदला लेते हो
मेरे हर जख्म पर एक जख्म तुम गहरा देते हो
झूठी मोहब्बत है तेरी रजनीश बस यही दुनिया को दिखाना है

कुछ अंदाज नया……..।।

ठुकरा दे तू फिर से ये तो तेरी पुरानी हसरत है
तड़पायेगी मुझकों हरदम जो ये मेरी मोहब्बत है
सोचा था हमनें तेरी बाहों में ही मुझे मर जाना है

कुछ अंदाज नया…..।।

Best Hindi Love on Kavita 2021

उसने खत में…..

 

उसने खत में मेरी कई बार खता लिक्खा
मगर एक बार भी नही बेवफा लिख्खा।
खामोश था वो तो हर किसी के सवाल पर
मगर खुद से कभी भी नही खफा लिख्खा।

उसने खत में…..

आज भी बटुये में उसने मेरा गुलाब रक्खा है
लेकिन उसे सबकी नज़र से छुपाये रख्खा।

उसने खत में….

गुनाहे जुर्म मुझसे कई बार हुवा बिना चाहें
उसने आज भी मुझको अपना बनाये रख्खा।

उसने खत में…..

अहसास है मुझकों मुमकिन नही है तुझे भूल पाना
मैंने भी उसके हर खत को सीने से लगाये रख्खा।

उसने खत में….

बढ़ गयी थी दूरियां बहुत दरमियाँ मेरे उसके ऐ राज
मगर सामने सबके सीने से मुझको लगाये रख्खा।

उसने खत…….।।।

Romantic Love Poetry in Hindi

तू एक बार…..

तू एक बार मेरा जो दिल से जो हो जाये
सब मेरे गम का पीना बेकार हो जाये
नशा तो तेरी आँखों का ऐ मेरी जान
ये नशा भी बदलकर प्यार बेसुमार हो जाये

तू एक बार……।

मोहब्बत तुमसे क्या हुई सब बेकार लगता है
तू जब से मिली तुझमे ही संसार दिखता है
जी लू मैं जिंदगी अपनी अगर एक बार इकरार हो जाये

तू एक बार मेरा….।

किस किस की दुहाई मैं दू अपने प्यार के खातिर
एक बार आवाज दे रहूंगा हमेशा मैं हाजिर
मेरी तरह तू भी एकबार वफादार हो जाये

तू एक बार…?

मेरी जिंदगी अब है तुमहारे हाथो में
मुझे मेरी जान दिखती है तेरी बातों में
मेरी जिंदगी मेंऐ राज बस तेरा आगाज हो जाये

तू एक बार….।।

Kavita In Hindi Love
Kavita In Hindi Love

 Love Poetry in Hindi for Bf

बात क्या है उन्हें……

बात क्या है उन्हें तो पता ही नही है
कत्ल पर क़त्ल करते रहे और बोले मेरी कोई खता ही नही है

बात क्या है उन्हें……।

मुस्कुरा कर उन्होंने कई गांव लुटा
पूछने पर वो बोले इसमें मेरी कोई अदा ही नही है

बात क्या है……।

अपनो के सीने में खंजर हमेशा चुभोते रहे
पूछने पर वो बोले ऐ राज इसमें कोई दगा ही नही है

बात क्या है…..।

डर दिखाया सभी ने तो हँसने लगे
बोले मुझको सूली चढ़ा दो वो भी मेरे लिए कोई सजा ही नही है।

बात क्या है उन्हें…… ।।

 

Love Poem in Hindi for Girlfriend

चाहकर के …….

चाहकर के तुझे मैं भूल पाता नही
तू मेरे दिल से क्यू जाता नही

चाहकर के ……..।

कई बार मैंने दिल की दुहाई दी थी
मैं बावफ़ा हूँ इस बात पर भी सफाई दी थी
तेरे सिवा कोई मेरे दिल को भाता नही

चाहकर के तुझे……।

मैं भूल जाऊ तुझे तू मुझे ऐसी बद्दुआ दे दे
घुट जाये दम मेरा तू कोई ऐसी हवा दे दे
तड़पायेगा ऐसे जो होता पता तो दिल लगाता नही

चाहकर के तुझे……।

या फिर लौट आ ऐ राज आकर मुझे प्यार कर
बड़ी शिद्दत से मिला हूँ तुझे न इनकार कर
मंजिल मेरी तू है मगर राह कोई दिखाता नही

चाहकर के भी…….।

Best Hindi Love on Kavita 2022

मुझको सताने वाले……

 

मुझकों सताने वाले तूझको क्या दुवा दू
दिल चाहता है मेरा मैं भी तुझको अब भुला दू
रुलाया है दूर रहकर मुझकों खून के आँसू
दिल चाहता है मेरा मैं भी तुझे रुला दू

मुझको सताने वाले……

तड़पा हूँ कैसे कभी बिस्तर की सलवटों से पूछो
कई बार ये कहा था तुम मेरे हो मुझसे तुम न रूठो
कर दूं खुद को मौत के हवाले या फिर कोई और सजा दू

मुझको सताने वाले……

कैसे तुझे बताऊ ऐ राज एक एक पल तुम बिन कैसे गुजारा है
हो तन्हाई या फिर बज रही हो शहनाई मैंने तुमको पुकारा है
तुम जान हो मेरी ये तुम भी जानते हो सोचा फिर भी तुझे बता दूं

मुझको सताने वाले……..।।