Love Ghazal Shayari in Hindi | बेस्ट 15+ रोमांटिक गजल शायरी

Love Ghazal Shayari in Hindi । बेस्ट 15+ रोमांटिक गजल शायरी |  सदाबहार रोमांटिक शायरी | Heart Touching Ghazal in Hindi | गजल हिंदी में लिखी हुई |  रोमांटिक गजल हिंदी में लिखी हुई.

Love Ghazal Shayari in Hindi

कभी मुझ को साथ लेकर…

कभी मुझ को साथ लेकर, कभी मेरे साथ चल के;
वो बदल गए अचानक, मेरी ज़िन्दगी बदल के;

हुए जिस पे मेहरबाँ, तुम कोई ख़ुशनसीब होगा;
मेरी हसरतें तो निकलीं, मेरे आँसूओं में ढल के;

कभी मुझ को….

तेरी ज़ुल्फ़-ओ-रुख़ के, क़ुर्बाँ दिल-ए-ज़ार ढूँढता है;
वही चम्पई उजाले, वही सुरमई धुंधल के;

कोई फूल बन गया है, कोई चाँद कोई तारा;
जो चिराग़ बुझ गए हैं, तेरी अंजुमन में जल के;

कभी मुझ को….

मेरे दोस्तो ख़ुदारा, मेरे साथ तुम भी ढूँढो;
वो यहीं कहीं छुपे हैं, मेरे ग़म का रुख़ बदल के;

तेरी बेझिझक हँसी से, न किसी का दिल हो मैला;
ये नगर है आईनों का, यहाँ साँस ले संभल के।

कभी मुझ को….

Love Ghazal Shayari in Hindi

तस्वीर का रुख……

तस्वीर का रुख एक नहीं दूसरा भी है;
खैरात जो देता है वही लूटता भी है;

ईमान को अब लेके किधर जाइयेगा आप;
बेकार है ये चीज कोई पूछता भी है;

बाज़ार चले आये वफ़ा भी, ख़ुलूस भी;
अब घर में बचा क्या है कोई सोचता भी है;

वैसे तो ज़माने के बहुत तीर खाये हैं;
पर इनमें कोई तीर है जो फूल सा भी है;

इस दिल ने भी फ़ितरत किसी बच्चे सी पाई है;
पहले जिसे खो दे उसे फिर ढूँढता भी है।

 

Love Ghazal Shayari in Hindi

उसने खत में मेरी कई बार…

उसने खत में मेरी कई बार खता लिखा
मगर एक बार भी नही बेवफा लिखा,
खामोश था वो तो हर किसी के सवाल पर
मगर खुद से कभी भी नही खफा ।

उसने खत में…..

आज भी बटुये में उसने मेरा गुलाब रक्खा है
लेकिन उसे सबकी नज़र से छुपाये रख्खा।

उसने खत में….

गुनाहे जुर्म मुझसे कई बार हुवा बिना चाहें
उसने आज भी मुझको अपना बनाये रख्खा।

उसने खत में…..

अहसास है मुझकों मुमकिन नही है तुझे भूल पाना
मैंने भी उसके हर खत को सीने से लगाये रख्खा।

उसने खत में….

बढ़ गयी थी दूरियां बहुत दरमियाँ मेरे उसके ऐ राज
मगर सामने सबके सीने से मुझको लगाये रख्खा।

उसने खत…….।।।

 

Love Ghazal Shayari in Hindi

तुम न आये एक दिन…..

तुम न आये एक दिन का वादा कर दो दिन तलक;
हम पड़े तड़पा किये दो-दो पहर दो दिन तलक;

दर्द-ए-दिल अपना सुनाता हूँ कभी जो एक दिन;
रहता है उस नाज़नीं को दर्द-ए-सर दो दिन तलक;

देखते हैं ख़्वाब में जिस दिन किस की चश्म-ए-मस्त;
रहते हैं हम दो जहाँ से बेख़बर दो दिन तलक;

गर यक़ीं हो ये हमें आयेगा तू दो दिन के बाद;
तो जियें हम और इस उम्मीद पर दो दिन तलक;

क्या सबब क्या वास्ता क्या काम था बतलाइये;
घर से जो निकले न अपने तुम “ज़फ़र” दो दिन तलक।

Heart Touching Ghazal in Hindi

एक अजीब सी हालत है…

एक अजीब सी हालत हैं तेरे जाने के बाद;
भूख ही नहीं लगती खाना खाने के बाद;

मेरे पास 8 समोसे थे जो मैंने खा लिए;
1 तेरे आने से पहले 7 तेरे जाने के बाद;

नींद ही नहीं आती मुझे सोने के बाद;
नज़र कुछ नहीं आता आँखे बंद होने के बाद;

डॉक्टर से पूछा इसका इलाज़ दी 4 टैबलेट;
बोला खा लेना 2 जागने से पहले 2 सोने के बाद।

एक अजीब सी हालत हैं….

 

Heart Touching Ghazal in Hindi

पता है जमाने से क्या….

पता है जमाने से क्या हमकों मिला है
छला ही गया हूँ इसी जमाने ने छला है

पता है जमाने…….

छीनी होंठो से हँसी मेरे चाहा जब मुस्कराना
आँख वाले अंधे है इन्हें क्या जख्म है दिखाना
रोता हूँ हाल पर अपने नही जमाने से गिला है

पता है…….

जिससे मोहब्बत की उम्मीद थी मुझको ज्यादा
ऐन वक़्त पर ऐ राज उसने बदला अपना इरादा
दिल तोड़ना ही उसका पुराना सिलसिला है

पता है ज़माने से…..

कौन कद्र करता है सच्ची मोहब्बत की जमाने मे
हर कोई लगा है अपनी इज्जत बचाने में
फक्र है मुझकों मुझे कोई कातिल अपना ही मिला है

पता है जमाने से……..।।

 

Heart Touching Ghazal in Hindi

काँपते है होठ मेरे अब ….

काँपते है होठ मेरे अब मुस्कराने से पहले
चले जाते हैं वो पास मेरे आने के पहले।

अब तो हँसते है बालों के खेजाब मेरे
कहते है कि क्यू संवरता है उनके आने के पहले।

कई फूल और भी है जमाने मे ऐ राज
तू हर किसी को न अपना बना आजमाने से पहले।

किसी और को भी होगी शायद जुफ़्तजु तेरी
एक जमाना और था इस जमाने से पहले।।

हर किसी की मुस्कराहट को मोहब्बत न समझ
आजकल कत्ल कर देते हैं लोग मुस्कराने से पहले।।

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