0

Heart Touching Ghazal in Hindi Font । Romantic Ghazal in Hindi Font

तेरे कमाल की हद… तेरे कमाल की हद कब कोई बशर समझा; उसी क़दर उसे हैरत है, जिस क़दर समझा; कभी न बन्दे-क़बा खोल कर किया आराम; ग़रीबख़ाने को तुमने न अपना घर समझा; पयामे-वस्ल का मज़मूँ बहुत है पेचीदा;… Continue Reading