शोर में भी काम अपना
शोर कम है, काम बड़ा है,
और काम बड़ा हो तो आख़िरी बात कौन सुनता है।
और काम बड़ा हो तो आख़िरी बात कौन सुनता है।
शोर से काम की असली क़ीमत का फ़ैसला करने वाली एटीट्यूड क्वोट।
शोर से काम की असली क़ीमत का फ़ैसला करने वाली एटीट्यूड क्वोट।