Sad सब ठीक हूँ, बस मौसम नहीं लेखक: Shayari Mirchi Editorial July 31, 2025 👁 19 मैं ठीक हूँ, बस ये मौसम नहीं। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share सर्दी की धुंध वाली खिड़की की फ़ोटो पर लगेगा।
Sad 2 Line हज़ार लोगों के बीच मेरी कुर्सी हज़ार लोग बैठे हैं, कुर्सी सिर्फ़ एक है, मैं वही हूँ जो गिना नहीं गया। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Sad 2 Line ट्रेन में ख़ाली सीट का तेज़ाब ट्रेन में एक सीट ख़ाली है, वो सीट मुझे छोड़कर गई है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Sad 2 Line पुरानी फ़ोटो में हँसी रुस्तम पुरानी फ़ोटो में हँसी रुस्तम है, अब वही चेहरा मेरा किरायेदार है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Sad 2 Line आज कोई कॉल नहीं आया आज कोई कॉल नहीं आया, और मैं पूरा दिन नंबर देखता रहा। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Sad 2 Line बर्तन में कोई एक चोट तो बर्तन में कोई एक चोट तो है, वरना टूटने की आवाज़ आती है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Sad 2 Line सर्दी में सिर्फ़ धुंध है सर्दी में सब धुंधला दिखता है, बस मेरी याद आज भी साफ़ है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share