Love

जब तेरी हँसी रुक जाए

लेखक: Shayari Mirchi Editorial 👁 39
जब तेरी हँसी रुक जाए तो मौन भारी हो,
मैं खिड़की खोलता हूँ, तू आ जा दो।

एक ठहरी हुई हँसी से शुरू होती खिड़की, और उससे आती ख़ामोशी की उम्मीद।

Shayari Mirchi Editorial

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Shayari Mirchi की एडिटोरियल टीम। यहाँ लिखी गई शायरी, क्वोट और कैप्शन इसी साइट के लिए लिखे गए हैं।

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