हज़ार लिखूँ, पूरे भी आधे
हज़ार लिखूँ शायरी में तेरे लिए,
पूरा फिर भी आधा कम लगेगा।
किसी के लिए शब्द चुनने की कोशिश, जो कभी पूरी नहीं हो पाती।
हज़ार लिखूँ शायरी में तेरे लिए,
पूरा फिर भी आधा कम लगेगा।
किसी के लिए शब्द चुनने की कोशिश, जो कभी पूरी नहीं हो पाती।