चाँद को तुम होना पसंद है
चाँद को तुम होना पसंद है,
सूरज को अब छुपने का मन करता है।
एक इंसान को चुनने का मज़ाक, जिसमें चाँद भी ईर्ष्या करे।
चाँद को तुम होना पसंद है,
सूरज को अब छुपने का मन करता है।
एक इंसान को चुनने का मज़ाक, जिसमें चाँद भी ईर्ष्या करे।