मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, लेखक: March 20, 2022 👁 1 मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, हम ने कई बार मुस्कुरा कर देख लिया। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं,
Love 2 Line साड़ी के किनारे और तेरी याद साड़ी के किनारे सिली है तेरी याद, धागा पूछता है, तू आएगी कब तक? 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Love 2 Line चाय के झाग में तेरी हँसी चाय के झाग में तेरी हँसी तैरती है, हर घूट के साथ तेरा नाम आ जाता है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Love 2 Line तुमाइ में मेरी पहेली तुमाइ में मेरी एक पहेली है, हर जवाब तेरे हाथों में लिखा है। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Love 2 Line जब तेरी हँसी रुक जाए जब तेरी हँसी रुक जाए तो मौन भारी हो, मैं खिड़की खोलता हूँ, तू आ जा दो। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Love 2 Line पहली उमेश में तेरी तस्वीर पहली उमेश में तेरी तस्वीर खिंची थी, हाथ काँपे, कैमरा चूका, दिल हिला। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share
Love 2 Line बाइक के सैड पर तेरी याद बाइक के सैड पर तेरी याद बैठी है, सड़क ख़त्म हो जाती है, याद नहीं। 📋 Copy 💬 WhatsApp 🔗 Copy link 🔖 Save ↗ Share