मैं बेचैन सा लगता हूँ ,वो राहत जैसी लगती है,

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मैं बेचैन सा लगता हूँ ,वो राहत जैसी लगती है,
मै सो जाता हूँ ख्वाबों में,वो भीतर मेरे जगती है..!!

मैं बेचैन सा लगता हूँ ,वो राहत जैसी लगती है,

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