मुझे पढने की ज़द्दोज़हद न कर ए मुसाफिर

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मुझे पढने की ज़द्दोज़हद न कर ए मुसाफिर
न कुरेद मेरे सोये वज़ूद को यूँ बेवजह।
जो तेरे लिए किस्सा है वो मेरी कहानी है
जो तू पढकर गुज़रेगा वो मुझे निभानी है।।

मुझे पढने की ज़द्दोज़हद न कर ए मुसाफिर

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