150+ Two Line Shayari in Hindi | दो लाइन शायरी फॉर लव

By Shayari Mirchi

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Two Line Shayari in Hindi | दो लाइन शायरी फॉर लव | Two Line Love Shayari in Hindi | दर्द भरी हिंदी दो लाइन शायरी | Two Line Shayari in Hindi on Life | खूबसूरत दो लाइन शायरी

Two Line Shayari in Hindi

 

तुम अच्छे हो तो बेहतर, तुम बुरे हो- तो भी कबूल,
हम मिज़ाज-ऐ-दोस्ती में ऐब-ऐ-दोस्त नहीं देखा करते।

 

दरख्तों से ताल्लुक का, हुनर सीख ले इंसान,
जड़ों में ज़ख्म लगते हैं, टहनियाँ सूख जाती हैं।

 

शर्मा कर मत छुपा चहरे को पर्दे में,
हम चेहरे के नहीं, तेरी आवाज के दीवाने है।

 

चाहत थी या, दिल्लगी या, यूँ ही मन भरमाया था,
याद करोगे तुम भी कभी, किससे दिल लगाया था!

 

मेरी नीम सी जिंदगी को शहद कर दे,
कोई मुझे इतना चाहे की बस हद्द कर दे।

 

बड़ा मुश्किल काम दे दिया किस्मत ने मुझको,
कहती है तुम तो सबके हो गए, अब ढूंढो उनको जो तुम्हारे है।

 

थरथराते लब नहीं इज़हार कर पाए मगर,
इन निगाहों से ही दिल की बात समझाई गई ।

 

उदास कर गई आज की सुबह भी मुझे..
जैसे भुला रहा हो कोई आहिस्ता-आहिस्ता।

 

उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के होश उड़ाने के लिए, अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे।

 

सरक गया जब उसके रुख़ से पर्दा अचानक,
फ़रिश्ते भी कहने लगे काश हम भी इंसा होते।

 

लोग कहते हैं कि मोहब्‍बत एक बार होती हैं,
लेकिन मुझे तो एक ही इंसान से बार-बार होती है!

 

लाखो अदाओ की अब जरुरत ही क्या है
जब वो फिदा ही हमारी सादगी पर है।

 

चाहता हूं तेरे इश्क़ में_मैं रॉकेट हो जाऊं.
तू बन जाए मेरी सॉकेट ,और मैं तेरा प्लग बन जाऊं_!!

 

इक खिलौना टूट जाएगा नया मिल जाएगा,
मैं नहीं तो कोई तुझको दूसरा मिल जाएगा।

 

ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की,
और यही वजह थी मेरे हार जाने की।

 

कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का,
किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।

 

जब तुम नही समझे तब मैंने खुदको,
कितना समझाया है.. ये तुम नही समझोगे।

 

ख्वाहिश तो ना थी किसी से दिल लगाने की..
मगर जब किस्मत में ही दर्द लिखा था..
तो मोहब्बत कैसे ना होती।

 

गम ये नहीं है कि कोई ये सब खुशियाँ बांटने वाला होता,
पर कोई तो होता जो गलतियों पर डांटने वाला होता।

 

मोहब्बत की हवा और मेडिकल की दवा,
इंसान की तबियत बदल देती है!

 

वो पिला कर जाम होंठो से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।

 

मत देखो हमें… तुम इस कदर,
इश्क़ तुम कर बैठोगे और इलज़ाम हमपर आयेगा।

 

किसी से प्यार करो तो इतना करो कि वो,
आपको छोड़ के जाए तो किसी का हो न पाए।

 

जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।

 

कोई तीर होता तो, दाग़ देते तेरे दिल पर,
कम्भख्त मोहब्बत है, जताई भी नहीं जाती !!

 

अब कोई दर्द दर्द नहीं लगता,
तेरे दिए हुए दर्द ने तो कमाल कर दिया।

 

अपनी ईन नशीली निगाहों को, जरा झुका दीजिए जनाब…
मेरे मजहब में नशा हराम है…

 

नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,
इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।

 

आख़िरी घूंट तक उसे पिला साक़ी,
मयकदे की कसम अभी भी होश में है वो।

 

अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है..
काफिला जिंदगी का, सकून ढूढनें चले थे,
नींद ही गवा बैठे।

हम उस तकदीर के सबसे पसंदीदा खिलौना हैं,
वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।

 

बेचैनियां बाजार में, नहीं मिला करती यारों,
बाँटने वाला, कोई बहुत नज़दीकी होता है।

 

आदत नहीं है मुझे सब पे फ़िदा होने की पर तुझ में,
कुछ बात ही ऐसी है की दिल को समझने का मौका ही नहीं मिला।

 

ये कलम आज थोड़ी रूठी सी लग रही है,
आओ भरे उसे थोड़े जज्बातों की स्याही से

 

ज़िन्दगी कभी भी ले सकती है करवट, तू गुमां न कर..
बुलंदियाँ छू हज़ार मगर, उसके लिए कोई गुनाह न कर।

 

तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझको..😌
थकान ज़मानों की लम्हों में कब उतरती है..!!🙈

 

तुम मोहब्बत भी मौसम की तरह निभाते हो,
कभी बरसते हो तो कभी एक बूंद को तरसाते हो !!

 

जरुरत नहीं फ़िक्र हो तुम,
कर न पाऊं कहीं भी वो जिक्र हो तुम..

 

नज़रों से ना देखो हमें तुम में हम छुप जायेंगे
अपने दिल पर हाथ रखो तुम हम वही तुम्हें मिल जायेंगे.

 

बेचैन दिल को और बेचैन ना कर,
इश्क़ करना है तो कर एहसान ना कर..

रोशन हुई हैं महफिल मेरी, तेरे आ जानें से तू…!!
रोज ही चला आया कर ना यूं ही किसी बहाने से…!!

 

प्यार दोस्ती फिजूल कहतीं हो क्या सबब है,
मेरे जान मुझे तो तेरी इस बात का अजब है,..

 

मोहब्‍बत अगर करनी ही है,
तो रूह से करना सीखो चेहरे से शुरू हुई मोहब्‍बत
अक्‍सर बिस्‍तर पर खत्‍म हो जाती है।

 

ये जो शिकवे तुम्हें मुझसे बेशुमार हैं…!!
कभी इतनी मोहब्बत भी की है मुझसे…????

 

मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो आप,
लोग चाहे कुछ भी कहे आपको,
लेकीन मेरे लिए सुंदर सा गुलाब हो आप.

 

जो इश्क में होंगे वो मरेंगे तुम्हारे सुर्ख होंठों पर…!!!
मैं प्रेम में हूँ मुझे तुम्हारे होंठो की मुस्कान पसन्द है…!!!!

 

अब दिल की वुसअ’तों में ज़रा आ के देखिए
यादों की सर-ज़मीं पे गुलाबों के सिलसिले..

 

 

जहाने दिल में काम आती हैं तदबीरें न ताज़ीरें;
यहाँ पैमाने-तस्लीमो-रज़ा ऐसे नहीं होता;

 

रवाँ है नब्ज़े-दौराँ, गार्दिशों में आसमाँ सारे;
जो तुम कहते हो सब कुछ हो चुका, ऐसे नहीं होता।

दीवाना बनाना है तो दीवाना बना दे,
वर्ना कहीं तक़दीर तमाशा न बना दे..

 

ऐ देखने वालो मुझे हँस हँस के न देखो,
तुम को भी मोहब्बत कहीं मुझ सा न बना दे,..

 

हर इक शब हर घड़ी गुजरे क़यामत, यूँ तो होता है;
मगर हर सुबह हो रोजे़-जज़ा, ऐसे नहीं होता;

 

उसने हमारे ज़ख्म का कुछ यूँ किया इलाज़,
मरहम भी गर लगाया तो काँटों की नोंक से।

 

अश्क आँखों से दिल से बद्दुआ निकली,
सितम किया याद जब कभी सितमगर का।

Shayari Mirchi

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