Two Line Dard Shayari Hindi | बेहतरीन 2 लाइन दर्द भरी शायरी

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Two Line Dard Shayari in Hindi

तेरा साथ छूटा है सँभलने में वक्त तो लगेगा,
हर चीज़ इश्क़ तो नहीं जो एक पल में हो जाये।

 

क्यूँ हर बात में कोसते हो तुम लोग नसीब को,
क्या नसीब ने कहा था की मोहब्बत कर लो !!

ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत सब फ़रेब के आईनें हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं.

 

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं,
क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा..

 

जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें,
उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर।

 

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,
पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!

 

मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा ।
बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए

 

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग..

 

सिर्फ मोहब्बत ही ऐसा खेल है..
जो सिख जाता है वही हार जाता है।

 

इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है….
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!

 

रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है,
कि लोग झुकना पसंद नहीं करते…!!

 

तुमने समझा ही नहीं…और ना समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे… तुम्हारे सिवा

 

लूट लेते हैं अपने ही,
वरना गैरों को क्या पता इस दिल की दीवार
कमजोर कहाँ से है !

 

सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना..
कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते..

 

तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे..
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे..!!!

 

बुला रहा है कौन मुझको उस तरफ,
मेरे लिए भी क्या कोई उदास बेक़रार है।

 

तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है,
तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..!!

 

उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हँस कर,
यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो देने के बाद।

 

बिछड़कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था,
बेशक ये ख्वाब था मगर हसीन कितना था।

 

पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता हैं,
पलको को छूते ही सीधा दिल पे असर होता हैं।

 

सुनो ये बादल जब भी बरसता है,
मन तुझसे ही मिलने को तरसता है..!!

 

मरहम लगा सको तो गरीब के जख्मो पर लगा देना
हकीम बहुत है बाजार में अमीरो के इलाज खातिर !!

 

ऐ उदास पल जरा धीरे धीरे चल
तू भी चला गया तो कैसे पाउँगा संभल

 

बस ये हुआ कि उस ने तकल्लुफ़ से बात की,
और हम ने रोते रोते दुपट्टे भिगो लिए।

 

मजबूरियाँ होती है, यक़ीन जाता है,
बचपन का प्यार अक्सर तजुर्बे दे जाता है !!

 

वक़्त बदल जाता है पर हसरतें कहा बदलती है
कमी तो सारी उम्र रहती है पर ज़िंदगी ख़त्म कहाँ होती है.

 

मुद्दतें बीत गई ख्वाब सुहाना देखे,
जागता रहता है हर नींद में बिस्तर मेरा।

 

हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे,
नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे।

 

दिल से मिटा न पाओगे मैंने कहा तो था,
तुम किसी और के होके भी मेरे ही रहे।

 

ना छेड़ किस्सा वो मोहब्बत का बड़ी लम्बी कहानी है,
मैं ज़िंदगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है।

 

वो तेरे खत तेरी तस्वीर और सूखे फूल,
उदास करती हैं मुझ को निशानियाँ तेरी।

 

वह मेरा सब कुछ है पर मुक़द्दर नहीं,
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।

 

खामोशियाँ वही रही ता-उम्र दरमियाँ,
बस वक़्त के सितम और हसीन होते गए।

 

दिल को बुझाने का बहाना कोई दरकार तो था,
दुःख तो ये है तेरे दामन ने हवायें दी हैं।

 

अजब चिराग हूँ दिन-रात जलता रहता हूँ,
थक गया हूँ मैं हवा से कहो बुझाए मुझे।

 

अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है,
राज किया दिलों पे और मोहब्बत को तरसे।

 

जब कभी फुर्सत मिले मेरे दिल का बोझ उतार दो,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो।

 

खुद आग दे के अपने नशेमन को आप ही,
बिजली से इन्तेकाम लिया है कभी-कभी।

 

ऐसा लगता है कि वो भूल गया है हमको,
अब कभी खिड़की का पर्दा नहीं बदला जाता।

 

गुलों के साये में अक्सर तड़पा हूँ,
करार कांटों पे कुछ ऐसा पा लिया मैंने।

 

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।

 

बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।

 

देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ,
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।

 

हजारों जवाब से अच्छी मेरी ख़ामोशी,
न जाने कितने सवालों की आबरू रख ली।