Mohabbat Bhari Shayari in Hindi | खूबसूरत मोहब्बत भरी शायरी

Mohabbat Bhari Shayari in Hindi | खूबसूरत मोहब्बत भरी शायरी | Mohabbat Bhari Short Shayari | मोहब्बत भरी शायरी दो लाइन की | Two Line Mohabbat Bhari Shayari | प्यार मोहब्बत की शायरी हिंदी में..

Mohabbat Bhari Shayari in Hindi

मुझे तलब नहीं की वो हद से ज़्यादा खूबसूरत हो,
मेरी ख्वाहिश है मेरे हमसफ़र का मिजाज़ सादा हो.

 

ज़िंदगी खुश,रूह उदास लिए फिरती हुं,
जाने किस किस्म का जिस्म लिए फिरती हुं..

 

ज़िन्दगी जैसी जलानी थी वैसे जला दी हमे …
अब धुऐ पर बहस कैसी और राख पर ऐतबार कैसा…

 

एक खूबसूरत सा रिश्ता यूँ खतम हो गया
हम दोस्ती निभाते रहे और उसे इश्क हो गया..

 

दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है…
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जा रहा…..

 

सभी को खलता है मेरा मशहूर होना
गुनाह है क्या खुद के पैरों पर खड़ा होना…

 

मोहब्बत और दर्द मेरी ज़िंदगी मे शामिल है…..
तुझे लिखने के लिए मुझे सोचने की अब जरूरत नहीं पड़ती….

 

कुछ और नहीं कहना, बस इतनी ही चाहत है,
तुम मुझे उतने ही मिल जाओ,जितने याद आते हो.

 

फ़ासलों को तुम जुदाई ना समझ लेना,
हाथ थाम कर बैठे लोगों के दिलों को भी ,
यहाँ जुदा देखा है…!!

 

खैरियत नहीं पूछते मेरी, मगर ख़बर रखते हैं..
मैंने सुना है कि वो, मुझ पर ही नज़र रखते हैं …

 

Mohabbat Bhari Shayari in Hindi

हज़ारों मशगले हैं जो मुझे मसरूफ रखते हैं,
मगर तुम ढीठ इतनी हो मुसलसल याद आती हो..!!!

 

तलब भी उसी की है नशा भी उसी का है,
उसे खबर है लेकिन फिर भी बेख़बर है।

 

इस खाली से दिल में भरे से तुम क्यूँ हो,
नजदीक नही हो फिर हर आहट में तुम ही तुम क्यूँ हो…!!

 

कितनी दूर तक दौड़े थे हम किसी के लिए..
ये भी तब जाना जब कदम फेरे वापसी के लिए..।।

 

मैं तुम्हें चांद कह दू ये तो मुमकिन है,
मगर लोग तुम्हे रातभर देखे ये मुझे गवारा नहीं

 

अपनी ज़िंदगी की तुलना कभी दुसरो से मत करो….
कोई दो कहानी एक जैसी कभी नही हो सकती…..

 

वो एक शख्स अगर हिमायत करे मेरी…
मैं दो जहां को बताऊं के इश्क़ क्या होता है!

 

आँखे बंद करके तुम्हें महसूस करने के सिवा…
मेरे पास तुमसे मिलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है…

 

शोर करने वाले अगर खामोश हो जाये तो …
उनकी ख़ामोशी से सुकून नहीं खौफ आता है,

 

ज़ुरूरी नही कुछ बुरा करने पर ही दर्द मिले,
हद से ज्यादा अच्छा करने की भी सज़ा मिलती हैं यहाँ….

 

मेरी उदासियाँ तुम्हें कैसे नज़र आएंगी ,
तुम्हें देखकर तो हम मुस्कुराने लगते हैं…!!