Maa Par Shayari in Hindi | Maa Par Kavita | माँ पर शायरी

Maa Par Shayari in Hindi

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Maa Par Shayari in Hindi

माँ कहती हैं मन लगा कर पढ़ा कर
मैं ना उड़ सकीं पगली तू तो उड़ा कर___!!

 

रोटी किसी माँ कि कभी ठंडी नहीं होती
मैने फुटपाथ पे भी जलते हुए चुल्हे देखे हैं !!

 

जमाना_जाली है
जनाब हर तरफ से मतलब के सलाम_आएगे

और किसी का कितना भी
करो आखिर मे माँ_बाप ही काम_आएगे.

 

जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था
माँ तूने गोद में उठा कर जब प्यार किया था___!!

 

ये उम्र बढ़ने की जगह घट जाती तो क्या बात थी
जिंदगी माँ_की गोद में कट जाती तो क्या बात थी

 

वो शाख है न फूल, अगर तितलियां न हो
वो घर भी कोई घर है जहां बेटियां न हों..

 

ये उम्र बढ़ने की जगह घट जाती तो क्या बात थी..
जिंदगी “माँ” की गोद में कट जाती तो क्या बात थी..

 

मां, तेरा साया भी जब सिर को सहलाता है,
दुश्‍वार हुई जिंदगी में भी मन सुकून पाता है…

 

अस्तित्व और महत्व नारी का फिर जान गया वो,
जब बना बाप वो एक बेटी का…!! 👧🏻💐

 

कब बालिग होने का इंतज़ार करती हैं
बेटियां तो जन्म से ही जिम्मेदार रहती हैं..

Maa Par Shayari in Hindi

 

डूब जाता हूं इस उम्मीद पर सुकून के साथ
भोर फिर खींच लायेगी मुझे उंगलियां थाम के.

 

गम हो या खुशी झट-पट दौड़ी चली आयेंगी
बेटियां सिर्फ़ आंगन छोड़ेंगी पर रिश्ते ता उम्र निभायेंगी.

 

क्या सीरत क्या सूरत है, वो तो ममता की मूरत है..
पाँव छुए और काम हो गया, माँ खुद में शुभ मुहूर्त है..

 

परमात्मा के बाद औरत पूजनीय मानी गई है,,
जो मौत की गोद में जाकर जिंदगी को जन्म देती है!!

 

खिलौनों की दुकान पर रखे सबसे महंगे_टैडीवियर से…… तुम!
बाप की उंगली_थामे सामने खड़ी गरीब ललकि सी…… मैं।।
कहां_मुमकिन था मुलाकात हो पाना।।

 

तेरे_लिए ही मां मैं जन्नत से आई_हूं 👈😌
हर कोई कहता है कि मैं_मम्मा की परछाई_हूं 😍

 

“खूबसूरती की इन्तहा बे-पनाह देखी ,
जब मुस्कुराते हुए मैंने अपनी माँ देखी .”❤

 

जली रोटियों पर बहुत शौर मचाया तुमने..
माँ की जली उँगलियों को देख लेते तो भूख ही उड़ गई होती…!

 

हिफाजत
हर किसी की मालिक बहुत खूबी से करता है
हवा भी चलती रहती है और दीया भी जलता रहता है.

 

मै उफनती सी कोई नदी हूं मेरा भाई तो किनारा है
मै भटकती हुई मुसाफिर सी मेरा भाई तो सहारा है.

 

Maa Par Shayari in Hindi

 

जब पूछती हूं मै अपनी मां से कितना प्रेम करती है
वो मुझे तब वो अपने दोनों हाथों को फैलाकर बोलती हैं: इतना !

आखिर कितना होता है इतना प्रेम ??❣

 

सारी दुनिया छोटी पड़ जाती है
लेकिन_माँ_का आँचल कभी छोटा नहीं पड़ता.

 

माँ भी न बड़ी लापरवाह हो गई है,
खुदा के घर जाके आने में इतनी देर लगती है😔

 

गाँव में बड़े होने पर भी बच्चों को
माँ-बाप 😇डांटते है
ऐसा लगता है जैसे अपनापन और खुशियाँ बांटते है…

 

मंजिल दूर और सफर बहुत है,
छोटी सी जिंदगी की फिक्र बहुत है,

मार डालती यह दुनिया कब की हमें
लेकिन_मां_की दुआओं में असर बहुत है!!

 

लाड भी उनके पहेली की तरह होते हैं….,,
बाप भी बचपन की सहेली की तरह होते हैं..!!

 

माँ भले ही पढ़ी लिखी हो या ना हो
पर संसार का दुर्लभ और महत्वपूर्ण
ज्ञान हमें माँ से ही प्राप्त होता हैं…❤️

 

मेरी ख्वाहिश है की मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊँ
माँ_से इस तरह लिपटूँ की बच्चा हो जाऊँ।

 

जज्बात अलग है पर बात तो एक हैं ,
उसे_माँ_कहू या भगवान बात तो एक हैं.

 

सब्र की उंगली थाम पग पग चला हूँ मैं
तेज लहरों से मुझे कभी कोई शिकवा ना रहा.

 

Ma or Bache ki Shayari

 

माँ
तुम्हारे आँचल की खुशबु में जी रहे हैं हम उस भंवरे की तरह
जिसको चाहिए वो फुल जो महके तुम्हारी तरह.

 

उसे हम पर तो देते हैं मगर उड़ने नहीं देते
हमारी बेटी बुलबुल है मगर पिंजरे में रहती है.

 

हर गली हर शहर हर देश विदेश देखा
लेकिन माँ जैसा प्यार कहीं नहीं देखा.

 

पहाड़ों जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन
बस इक औलाद की तकलीफ से_माँ_टूट जाती है.

 

बेटियों के बाबा को मरना नहीं चाहिए
बिना बाबा के बेटियाँ जीना भूल जाती है.

 

अगर मैं घर देर से जाऊँ तो गुस्सा करती है
उपर वाले ने बेटी भी दी है एक_माँ_की तरह.

 

जब जब शरीर में_Immunity_कम पाता हूँ
माँ_की गोद में सर रख कर सो जाता हूँ…

 

जो नींद मम्मा के कन्धे पर लटक आती थी
आज वो नींद mattress के गद्दे पर भी नही आती..

 

जितनी खुशी है मम्मा के होने मे
ऐसी खुशी नही हैं जिन्दगी के किसी कोने मे…

 

अपनी आगोश में पाले है पैग़म्बर उसने
बाइश-ए-फक्र है औरत के लिए माँ होना___!!

 

हर बेटी के पिता बादशाह नहीं होते लेकिन
हर बेटी अपने पापा की शहजादी जरूर होती है

Miss You Papa 🥺❤️

Maa Par Shayari in Hindi

 

माँ के चहरे को देखकर मुस्करा लिया करो
हर किसी के नसीब में हज नहीं होता.

 

हर पल खोजने की कोशिश करता हूँ वो खूबी
जो मेरी_माँ_को मुझमे नज़र आती है.

 

हर एक लड़की को शहजादी की तरह समझा
हम एक रानी (माँ) की परवरिश में बड़े हुए हैं.

 

मुस्कुरा रहीं हों__क्या बात हैं
पापा ने आज_बेटा_जो कह दिया मुझे___!!

 

पूरी दुनिया जीत कर भी अगर मां बाप का
दिल ना जीता तो वो जीत हार के समान हैं…

 

नन्हें नन्हें पांव थे फिर भी अपने पांव पर खड़ा हो गया
एक भाई देखो बहन के लिए माँ जितना बड़ा हो गया.

 

मर्द और औरत के तमाम रिश्तों में
मर्द का दिल सबसे ज्यादा नर्म अपनी बेटी के लिए होता है.

 

Maa Par Kavita Hindi Mein

 

मेरी खातिर तेरा रोटी पकाना याद आता है,
अपने हाथो को चूल्हे में जलाना याद आता है।

वो डांट-डांट कर खाना खिलाना याद आता है,
मेरे वास्ते तेरा पैसा बचाना याद आता है।

कही हो जाये ना घर की मुसीबत लाल को मालूम,
छुपा कर तकलीफें तेरा मुस्कुराना याद आता है।

जब आये थे तुझे हम छोड़ कर परदेश मेरी माँ,
मुझे वो तेरा बहुत आंसू बहाना याद आता है।❤💞

 

Maa Par Kavita in Hindi

 

“माँ ” के लिये क्या लिखूं मै ,
माँ की ही तो लिखावट हूँ मैं ,
देखा जब भी करीब से तुझे ,
तेरी बातें याद आयी ,

मेरे हर एक कदमों के निशां पे ,
सिर्फ तेरा ही इक नाम था ,
शायद तू ना होती ,
तो मैं भी ना होता ,

मेरी मुस्कान भी तू ,
मेरी दुनिया भी तू ,
मेरे कदम जब भी डगमगाते,
तू मेरे साथ होती ,

मेरा हौसला जब भी टूटा ,
तू मेरे साथ खडी होती ,
मैं छोड़ चुका था जीने की तमन्ना ,
तू मेरे सबसे करीब होती ,

मैंं चल पडा था इस दुनिया में ,
सिर्फ एक तेरा ही सहारा था ,
हर रोज तेरी याद आती ,
सिर्फ यादों का तेरा किनारा था ,

मै रोक ना सका अपने आंसुओ को ,
सिर्फ आंसुओं का किनारा था ,
मैं हार चुका था खुद से जब ,
हर वक्त तेरी बाते याद आती ,

तू डरना ना इस दुनिया से ,
हरदम तेरी जीत होगी ,
ऐसा क्या था तुझमे “माँ ”
किस मिट्टी की बनी हैं तू ,

खुद भुखे रहकर भी ,
मेरा पेट भरा था माँ ,
तूने अपने गमो को ,
अपनी मुसकुराहटों में छिपाया था माँ ,

अब शब्द नही हैं लिखने को” माँ ”
लिखू तो आँखे भर आयेगी ,

बस इतना ही कहना हैं “माँ ”
निश्छल हैं “माँ “तेरी ममता ,
निश्छल हैं “माँ ” तेरी ममता ,…..!