Long Shayari in Hindi

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Long Love Shayari in Hindi

बस इक निगाह-ए-नाज़ को तरसा हुआ था मैं
हालांकि शहर-शहर में फैला हुआ था मैं

मुद्दत के बाद आइना देखा तो रो पड़ा
किस बेहतरीन यार से रूठा हुआ था मैं

पहना जो रेनकोट तो बारिश नहीं हुई
लौटा जो घर तो शर्म से भीगा हुआ था मैं

पहले भी दी गई थी मुझे बज़्म की दुआ
पहले भी इस दुआ पे अकेला हुआ था मैं

कितनी अजीब बात है ना कि तू ही आ गया
तेरे ही इंतज़ार में बैठा हुआ था मैं .. 🖤🥀

~Zubair Ali Tabish

 

Long Shayari in Hindi

गुमनाम सा हो गया है ये रिश्ता
ए खुदा इस टूटे रिश्ते को कोई नाम दे,

ना मरे हैं और ना ही जिंदा हैं
ए खुदा इस जिंदगी को कोई अंजाम दे,

मंजिल है ही नहीं इन रास्तों पर शायद
ए खुदा किस रांह पर जाऊं कोई पैगाम दे,

सुना है कि रोने से दिल हल्का हो जाता है
ए खुदा इन आंखों को आंसुओ का सैलाब दे,

उसे कुछ मत कहना मेरी मोहब्बत है वो
ए खुदा मुझे बेशक बेवफा का खिताब दे,

मोहब्बत करके कोन सा गुनाह किया था मैने
ए खुदा मेरे गुनाहों का जरा मुझे हिसाब दे,

उसे छीन कर मुझसे मुझे जिंदा क्यूं रखा है
ए खुदा मेरे एक एक सवालों का जवाब दे,

मै सो रहा हूं के फिर कभी उठ ना सकूं
ए खुदा इन आंखों में ऐसा कोइ खवाब दे।

Write by JB Singh

Long Shayari in Hindi

चलो एक दूसरे से फ़ासला बढ़ाया जाए
बग़ैर आंसुओं के उम्र भर रोया जाए

ऐसा नहीं कि किसी और से नहि मिलता दिल
जैसे मिला तुमसे किसी और से कैसे मिलाया जाए

तसल्ली तो की थी मगर समझता ही नहीं
दिल को किसी और तरह समझाया जाए

क्या हुआ जो आशियाँ बनाने में उम्र लगी
हो इशारा तो उसे भी ख़ाक में मिलाया जाए.

 

Long Shayari in Hindi

जरा सा क़तरा कहीं आज अगर उभरता है,
समंदरो ही के लहजे में बात करता है।

खुली छतों के दियें कब के बुझ गये होते,
कोई तो है जो हवाओं के पर कतरता है।

शराफ़तों की यहाँ कोई अहमियत ही नहीं,
किसी का कुछ न बिगाड़ो तो कौन डरता है।

ये देखना है कि सहरा भी है समुंदर भी,
वो मेरी तिश्ना-लबी किस के नाम करता है।

तुम आ गए हो तो कुछ चाँदनी सी बातें हों,
ज़मीं पे चाँद कहाँ रोज़ रोज़ उतरता है।

जमीं की कैसी वकालत हो फिर नहीं चलती,
जब आसमाँ से कोई फैसला उतरता है।

वसीम बरेलवी.

 

Long Love Shayari in Hindi

कही-सुनी पे बहुत एतबार करने लगे
मेरे ही लोग मुझे संगसार करने लगे

पुराने लोगों के दिल भी हैं ख़ुशबुओं की तरह
ज़रा किसी से मिले, एतबार करने लगे

नए ज़माने से आँखें नहीं मिला पाये
तो लोग गुज़रे ज़माने से प्यार करने लगे

कोई इशारा, दिलासा न कोई वादा मगर
जब आई शाम तेरा इंतज़ार करने लगे

हमारी सादा -मिजाज़ी की दाद दे कि तुझे
बग़ैर परखे तेरा एतबार करने लगे.

वसीम बरेलवी

 

Long Shayari in Hindi

कैसे कह दूँ की मुलाक़ात नहीं होती है
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है

आप लिल्लाह न देखा करें आईना कभी
दिल का आ जाना बड़ी बात नहीं होती है

छुप के रोता हूँ तिरी याद में दुनिया भर से
कब मिरी आँख से बरसात नहीं होती है

हाल-ए-दिल पूछने वाले तिरी दुनिया में कभी
दिन तो होता है मगर रात नहीं होती है

जब भी मिलते हैं तो कहते हैं कि कैसे हो ‘शकील’
इस से आगे तो कोई बात नहीं होती है।

 

Long Shayari in Hindi

हजारों ख्वाहिशे दिल में लिए
ख्वाबो की जमीन पर कदम रखा था

मगर ख्वाहिशे तो ख्वाहिशे थी
उन्होंने पूरा होने का कब दम भर रखा था

शीशे के कुछ सुनहरे ख्वाब देखे थे
शीशे को तो टूटकर ही बिखरना था

नादान थी खुली आँखों से ख्वाब देखे
उन टुकड़ो को मेरी आँखों में ही जो चुभना था

बेवजह नहीं है ये अश्क बह रहे
चुभेगें टूकड़े तो मेरी आँखों को नम होना ही था.

 

Long Shayari in Hindi

चोट मौसम ने दी कुछ इस तरह गहरी हमको।
अब तो हर सुबह भी लगती है दुपहरी हमको।।

काम करते नहीं बच्चे भी बिना रिश्वत के।
अपना घर लगने लगा अब तो कचहरी हमको।।

अब तो बहिनें भी ग़रीबी में हमें भूल गईं।
राखियाँ कौन भला भेजे सुनहरी हमको।।

हमने पढ़-लिखके फ़कत इतना हुनर सीखा है।
अपनी माँ भी नज़र आने लगी महरी हमको।।

होंठ अब उसके भी इंचों में हँसा करते हैं।
उसकी सोहबत न बना दे कहीं शहरी हमको।।

डिगरियाँ देखके अपने ही सगे भाई की।
ये व्यवस्था भी नज़र आती है बहरी हमको।।

धीरे-धीरे जो कुतरते हैं हमारे दिल को।
याद उन रिश्तों की लगती है गिलहरी हमको।।

उर्मिलेश