Khamoshi Shayri in Hindi | दिल की खामोशी शायरी हिंदी में.!

Khamoshi Shayri in Hindi | दिल की खामोशी शायरी हिंदी | Sad Emotional Shayari In Hindi On Khamoshi | खामोशी शायरी 2 लाइन | Khamoshi Shayari in Hindi | बेवजह खामोशी शायरी | मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना शायरी.

Khamoshi Shayri in Hindi

मुस्कुराहट दिखी पर आँखों की नमी न दिखी ।
दिल दुखाने वालों को कभी अपनी कमी न दिखी।

 

इश्क़ से नशीला कोई नशा नही होता है…..
घुट घुट पीते है और कतरा कतरा मरते है…!!

 

दर्द वही, तलब वही , ख्वाब वही..
लोग कहते है 2022 साल नया है…!!

 

जर्रा-जर्रा समेट कर खुदको बनाया है मैंने,,,¡¡
मुझसे ये न कहना बहुत मिलेंगे तुम जैसे…!!

 

अब जुदाई के सफ़र को मेरे आसान करो,
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर अब न परेशान करो।

 

मैंने देखा है उसे गैरों से अतरंगी बातें करते …..
उस दिन से मैंने प्रेम को गंगा में विसर्जित कर दिया .!!

 

दिल करता है तेरे सीने में दिल बन के रहें…
तुम धड़कनों को संभालो और हम धड़कते रहें..

 

कभी खामोशी से सुनो तो सुन पाओगे हमें भी,
मेरी चुप में भी तुम्हारें लिए बहुत चाहत है….!!

 

कोई ताल्लुक है गहरा जो ख़त्म ही नहीं होता,
हमने देखा है कई बार उनसे किनारा करके।

 

वो दिल ही क्या जिसका कोई लुटेरा न हो …
वो यादें ही क्या जिसमें किसी का बसेरा न हो ..

 

Khamoshi Shayri in Hindi

हर लफ्ज़ तेरे प्यार की खुशबू में ढला है,
ये सिलसिला है इश्क का जो तुमसे मिला है!!

बड़ी शिद्दत से पिरोया है तुझको..खुद में हमने,,
देखो इन लफ़्ज़ों में ही नही,,,
मेरी हर सांस में तुम ही तुम बसते हो…!!

न जाने किसकी बद्दुआ काम आई ..!!
आखिर वो शख्स बिछड़ ही गया मुझसे..!!

थोड़ी फिकर…थोड़ी कदर…कभी कभी खैर ख़बर,
इन छोटी छोटी बातों का होता है बड़ा असर…!!

तुम्हारी पैरो की खाक उठाकर
सुरमा लगाऊंगा तो मानोगी मोहब्बत है!! ❤️

कौन रखेगा मेरे होठों पे उँगली अपनी
कौन बोलेगा “नहीं ऐसा नहीं कहते..!!❤💞

ये तकाजे है मेरी आंखों की मस्ती के
खोलू तो दीदार तुम्हारा बंद करू तो तस्वीर तुम्हारी.

ख़ुश तब भी था , जब तुम मेरे थे
ख़ुश अभी हूं जब तुम किसी और के हो …!!

लम्हे फुर्सत के आएं तो, रंजिशें भुला देना दोस्तों,
किसी को नहीं खबर कि सांसों की मोहलत कहाँ तक है!!

तुम्हें जाना हो तो ऐसे जाना…
जैसे गहरी नींद में शरीर से प्राण जाता है.

 

Khamoshi Shayri in Hindi

दिसंबर भी बीत जाएगा कोशिश-ए-एतबार में..
फिर नए साल की शुरूआत होगी एक तेरे इंतजार मे..

मेरे जज़्बात से वाकिफ है मेरी कलम भी,
प्यार लिखूं तो तेरा नाम लिखा जाता है!!

क्या याद कर के रोऊँ कि कैसा शबाब था..
कुछ भी न था, हवा थी, कहानी थी, ख़्वाब था..!!

आँखों के सामने तुम नही हो तो क्या हुआ……!
पलकों को मिलाते ही तुम ही तुम हो….!!

ना गिले रहे,ना गुमा रहे, ना गुज़रिशें, ना गुफ्तुगु,
ना मैं रहा, ना तुम रही, ना फरमाइशें, ना जुस्तुजु..!!

इस दुनिया से थोड़ा संभल कर रहा करो मेरे दोस्त…
यहां लोग खुशियां छीन कर के कहते है खुश रहो …।।

मेरी कलम बस अधूरा लिखती है..
क्योंकि शायरी को तो तेरी मुस्कराहट ही पूरा करती है।

दास्तां सुनाऊँ और मज़ाक बन जाऊँ…
बेहतर है मुस्कुराऊँ और ख़ामोश रह जाऊं..!! ❤️

दिसम्बर की सर्द सुबह और तुम्हारी इश्क़ से आनाकानी
मुझको तो चलो ठंड लगेगी, पर तुम को पाप लगेगा …!!

तुम्हारे ख़्याल से ही दिल खुश हो जाता है ,
अगर ज़िन्दगी में होते तो कुछ और बात होती …

 

Khamoshi Shayri in Hindi

हुस्न,तलब,मदहोशीयां….क्या क्या लेके आये हो,
फकत दिल ही तो जीतना था आप तो पूरी फौज लेके
आये हो।।😉

तुम ‘ना’ से कुछ आगे बढ़ती,.. मैं ‘हाँ’ से कुछ पीछे आता;
तो मुमकिन था हम दोनों “ काश ” पे मिल जातें…

ना जाने कोनसी शिकायतों का हम शिकार हो गए,
जितना दिल साफ रखा उतना गुनहगार हो गए….!!

बेपरवाह हो जाते है अक्सर वो लोग जिन्हे कोई,
हद से ज्यादा प्यार करने लगता है।

थोड़ी फ़िकर ,थोड़ी कदर कभी कभी खेर खबर ,
इन छोटी छोटी बातों का होता बहुत असर …..!!

अब मोहब्बत नही रही इस जमाने में,
क्योंकि लोग अब मोहब्बत नही मज़ाक किया
करते है इस जमाने में…!!

कभी कभी रिश्तों की किंमत वो समझा देते है,
जिनसे हमारा कोई रिश्ता नहीं होता !!❤️

ऐ दिल सो जा अब तेरी शायरी पढ़ने वाली,,,
किसी और शायर की गजल बन गयी है,,, !!❤💞

ये सर्दी तुम्हारे बाहों में आकर ही ख़त्म होगी,
ये तुम्हारी नई ‘शॉल’ मसले का हल नहीं..

 

Khamoshi Shayri in Hindi

मेरा ही पागलपन था… जो इस दौर में भी,
तेरी “सुलझी” हुई जुल्फ़ों में “उलझ” गया !!

“इश्क़” करो खुद जान जाओगे तुम,
कि “इश्क़” है धोखेबाज खुद “मान” जाओगे तुम…..💕

चार दिन की ज़िन्दगी में, किससे कतरा कर चलूँ .!
खाक हूँ मैं,खाक पर, क्या खाक इतराकर चलूँ..!!

ऐ दिल ! होश में रहा कर ,
कोई भी तोड़ देता है ‘ खुद को महफूज़ रखा कर ! 💔

कितनी अजीब बात है…दूरियां सिखाती है…!
नजदीकियाँ क्या होती है..

अफवाहे सुनकर “बदनाम” मत करना,
समझना है तो “मिलकर” बात करना!!

भटक जाते है लोग अक्सर इश्क की गलियों मे
इस सफर का कोई एक नक्शा तो होना चाहिए।

सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें.., !! ❤️

खामोशियां कभी बेवजह नहीं होती..
कुछ दर्द ऐसे भी होते है जो आवाज़ छीन लेती है…!!

तुम मुझे जितनी इज़्ज़त दे सकते थे दे दी
अब तुम देखो मेरा सबर और मेरी ख़ामोशी….!!

 

Khamoshi Shayri in Hindi

मोहब्बत में हम उन्हें भी हारे है…
जो कहते थे हम सिर्फ तुम्हारे है…!!

छुटे हुए हाथो का छुटना.. अब ओर नही अखड़ता
फर्क पड़ चुका है इतना.. कि अब कोई फर्क नही पड़ता.

जिक्र से नहीं फ़िक्र से पता चलता है,
कि अपना कौन है !!❤️

वफा” की उम्मीद ना करो उन लोगों से,
जो ‘मिलते हैं किसी और से’,, होते हैं किसी और के..

उसने दोस्ती चाही मुझे प्यार हो गया…..
मै अपने ही कत्ल का गुनहगार हो गया…..💔

मैंने परखा है अपनी बदकिस्मती को…….!!
मैं जिसे अपना कह दूं फिर वो मेरा नहीं रहता…..!!

खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो,
जब लोग तुम्हें ना समझे तो उन्हें समझाना छोड़ दो !!

कुछ रिश्तें किराये के मकान जैसे होते है,
कितना भी सजा लो कभी अपने नहीं होते !!

अब भी बिखरती होगी ग़ालों पर ज़ुल्फ़े उनकी
अब कोई और उन्हें प्यार से सुलझाता होगा..!

मदद एक ऐसी घटना है..करे तो लोग भूल जाते है,
और…न करें तो लोग याद रखते है..!!

 

Khamoshi Shayri in Hindi

जिंदगी समझ में नहीं आई तो मेले में अकेला,
और समझ आ गई तो अकेले में मेला !!

मुस्कुराना सीखना पड़ता है…
रोना तो पैदा होते ही आ जाता है…!!

सख्त हाथों से भी छुट जाती है कभी उंगलिया,
रिश्ते जोर से नहीं अहसासों से थामे जाते है..!!!!

एक के पास नमक है तो दूसरे के पास मरहम हैं,
साहब तलाश दोनों को “घाव” की है …

किसीको एक पल की भी ख़ुशी देते वक्त,
अपनी तकलीफ की फिकर मत करो !!

खुदख़ुशी करने से मुझे कोई परहेज नहीं है गालीब…
बस शर्त इतनी है फंदा तेरी जुल्फों का हो….!!

किसीको उजाड़ कर बसे तो क्या बसे,
किसीको रुला कर हसे भी तो क्या हसे !!

गैरों की बातो पर तो अनजान लड़ते है,
वो रिश्ता ही क्या जो दुसरो की बातों के बेहकावे में आ जाए !!

मुठ्ठी भर शिकायतों से दरारें नहीं पड़ती,
अगर रिश्तों की बनावट में झूठ ना हो !!