Hindi Love Shero Shayari 2022 | लव शेरो शायरी इन हिंदी

Hindi Love Shero Shayari 2022 | लव शेरो शायरी इन हिंदी | Shero Shayari Love sad | खतरनाक लव स्टोरी शायरी | Sad Shayari in Hindi for Girlfriend | 

 

खिड़की से झांकता हूँ मै सबसे नज़र बचा कर,
बेचैन हो रहा हूँ क्यों घर की छत पे आ कर,
क्या ढूँढता हूँ जाने क्या चीज खो गई है,
इन्सान हूँ शायद मोहब्बत हमको भी हो गई है.

 

हँसते हँसते रोना है इतना पागल होना है
उसके मन को पढ़ जाउ इतना जाहिल होना है
अपना एक सफीना है अपना साहिल होना है
खुद से ही आशिक़ी है खुद का ही कातिल होना है
ढूंढे ढूंढ सके न कोई ऐसा हासिल होना है.

 

जो इश्क़ मे मर कर जिंदा है उन लासों का क्या होगा…..
इश्क़ अगर जताना पड़े तो एहसासों का क्या होगा….
ओर सुना है जा रही हो
ये तो बताओ तम्हारे जाने के बाद मेरी इन साँसो का क्या होगा….

 

है अब भी बिस्तर-ए-जाँ पर तिरे बदन की शिकन
मैं ख़ुद ही मिटने लगा हूँ उसे मिटाते हुए
तुम्हारे आने की उम्मीद बर नहीं आती
मैं राख होने लगा हूँ दिए जलाते हुए..

 

मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफी है,
दिल की कलम से लिखी ये दास्तां ही काफी है,
तीर-ए-तलवार की तुझे क्या जरूरत,
कत्ल करने के लिए तेरी मुस्कान ही काफी है।

 

मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जायेगा
दीवारों से टकराओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जायेगा
हर बात गवारा कर लोगे मन्नत भी उतार कर लोगे
तावीज़ें भी बँधवाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जायेगा

 

परिन्दे को बाहों में बिखर जाने दो…
अपनी खुशनुमा सांसों से महक जाने दो…
दिल मचलता है और सांस थम सी जाती है…
अब तो सीने में अपने मुझे उतर जाने दो…

 

ख्वाइश थी रूठे यार को मनाने की।।।।
उसके आंचल में टूटकर बिखर जानें की।।।।।
लेकिन एक दिन पहुंचे हम उसके आश्याने में।।।।
तो वो दुआ कर रहा था किसी और को पाने की!!!

 

 

सांसो मे रहकर तुम हमारी तुम महमान बन गये…
दिल में बसकर हमारी मुस्कान बन गये…
लोग नजदीक आकर हमारे ना बन सके…
और आप दूर रहकर भी हमारी जान बन गये…
✍✍

 

ख़ुद से बातों का शौख़ बढ़ सा गया है,
वो शख़्स बेवज़ह जबसे लड़ कर गया है,

मुझे अब ख़ुद से ही सवाल करना है,
किस तरह हारा हूँ हिसाब रख़ना है,

अपने क़दमों की थक़ान अब भुलानी है,
तेरा किस्सा ख़त्म हुआ अब तो बस मेरी कहानी है।

 

 

ये किस तरह का ताल्लुक है आपका मेरे साथ
मुझे ही छोड़ के जाने का मशवरा मेरे साथ

यही कहीं हमें रस्तों ने बद्दुआ दी थी
मगर मैं भुल गया और कौन था मेरे साथ

वो झांकता नहीं खिड़की से दिन निकलता है
तुझे यकीन नहीं आ रहा तो आ मेरे साथ..

 

 

एक गुजारिश है तुझे जरा थम के बरसना है ,
आ जाये मेरा महबूब तो जरा जम कर बरसना है ,
यु पहले ना बरस की ओ आ ना सके
आ जाये तो इतना बरसना की ओ जा ना सके ।

 

ख्वाइश थी रूठे यार को मनाने की।।।।
उसके आंचल में टूटकर बिखर जानें की।।।।।
लेकिन एक दिन पहुंचे हम उसके आश्याने में।।।।
तो वो दुआ कर रहा था किसी और को पाने की!!!

 

 

दिखावा प्यार का करना है तो करते रहो मुझसे,
अगर यह ज़िंदगी भर हो तो फिर इसमें बुरा क्या है।

तुम्हारा ढोंग भी सच्ची मोहब्बत में गिना जाए,
अगर मैं जान ना पाऊं मेरे पीछे हुआ क्या है।

 

 

मेरे मन मे वो ख्याल आज भी आता है ..
फोन मेरा आज भी उसे घंटी लगता है..

भाई जाओ.. खुश रहो… हमे क्या..
अपना मेहनत करना हैं …
ये सब कह कर, फिर भी उसे याद करता है..

 

 

महसूस होता है जरुर कुछ तो,
किसी अजनबी से ज्यादा बातें करते वक़्त,

कही प्यार तो नहीं हुआ है मुझे उनसे,
ये एहसास जरूर होता है उनसे बातें करते वक़्त।

 

 

उसकी तलाश में जब मैंने भटकना छोड़ दिया,
यादों में उनकी खोकर मैंने तड़पना छोड़ दिया,
वो आये तो सही लेकिन उस वक़्त,
जब इस दिल ने उनके लिए धड़कना छोड़ दिया..!!

 

हर कदम हर पल हम आपके साथ है,
भले ही आपसे दूर सही, लेकिन आपके पास हैं,
जिंदगी में हम कभी आपके हो या न हों,
लेकिन हमे आपकी कमी का हर पल एहसास हैं…..

 

कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी

कब जान लहू होगी कब अश्क गुहर होगा
किस दिन तिरी शुनवाई ऐ दीदा-ए-तर होगी.

 

मेरे बाद तुम खुश् रह पाओगे क्या…
इस जमाने के ताने जो हमने झेले है तुम सह पाओगे क्या…..
हम तो सहते सहते मर गए कभी कह हि ना पाए
तुम अपना दर्द जमाने से कह पाओगे क्या….

 

यादों के सहारे दुनिया नहीं चलती,
बिना किसी शायर महफ़िल नहीं हीलती,
एक बार पुकारा तो आए यारों,
क्योंकि तेरे बिना धड़के ना नहीं चलती।

 

मेरी मोहब्बत का सफ़र तो बस तेरी ही
दहलीज़ तक ये हीर

तेरे इश्क़ में तो हम हमसफ़र बन जाएँगें
तुम दिल हो बस हम तेरी नज़र बन जाएँगें.

 

 

❝दर्द में कोई मौसम प्यारा नहीं होता,
दिल हो प्यासा तो पानी से गुजारा नहीं होता,
कोई देखे तो हमारी बेबसी,
हम सबके हो जाते पर कोई हमारा नहीं होता।❜❜

 

 

तुम भी मेरी तरहा ये दर्द सहती हो क्या
तुम अब भी मेरी आखों से बहती हो क्या

मैं अब बस रब की इबादत करता हूं
तुम भी अब मुझे बेवफा कहती हो क्या
ये आधी रात में मेरे आसूं क्यों निकल आए
तुम अब भी मेरे दिल में रहती हो क्या

 

प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है
जिस्म की बात नहीं थी उनके दिल तक जाना था
लम्बी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है.
नए परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है….

 

 

मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफी है,
दिल की कलम से लिखी ये दास्तां ही काफी है,
तीर-ए-तलवार की तुझे क्या जरूरत,
कत्ल करने के लिए तेरी मुस्कान ही काफी है।
😍

 

हर कोई मेरा हो जाए ऐसी मेरी तक़दीर नही
मैं वो शीशा हूँ जिसमे कोई तस्वीर नही
दर्द से रिश्ता है मेरा खुशियाँ मुझे नसीब नही
मुझे भी कोई याद करे क्या मैं इतनी भी खुशनसीब नही

 

जीने के लिए तेरा एक अरमान ही काफी हैं
दिल की कलम से लिखी ये दास्तान ही काफी है
तिरो तलवार की तुझे क्या जरूरत ये हसीना
कत्ल करने के लिए तेरी एक मुस्कान ही काफी हैं.

 

 

प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था !!
वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था !!
सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को !!
पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था.

 

मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख्वाब नहीं है
यह वो अदा है जिसमें सब कामयाब नहीं है

जिन्हें इश्क में पनाह मिली उन्हें उंगलियों पर गिन लो
जो बर्बाद हुए हैं उनका कोई हिसाब नहीं है.