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Dr Bhimrao Ambedkar Ke Anmol Vachan | Famous Quotes By B. R. Ambedkar

भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर के कुछ अनमोल विचार

ज्ञान का बिकास ही मनुष्य का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए !


लत अम्बेडकर वाद की लगी है। तो नशा भी सरेआम होगा!
हर लम्हा मेरे जीवन का भीम राव अम्बेडकर के नाम होगा!!


एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग है
क्योंकि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।


शरीर से जान भी चली जाए तो
भी कोई गम नहीं यारो
बस दिमाग से
बाबा साहेब आंबेडकर के
विचार नहीं जाना चाहिये…


हिन्दू धर्म में ,बिवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के
बिकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है !


समानता एक कल्पना हो सकती है,
लेकिन फिर भी इसे गवर्निग सिधांत रूप में स्वीकार करना होगा !


कानून और ब्यवस्था राजनितिक शरीर की दवा है
और जब राजनितिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरुर दी जनि चाहिए !


मै उस धर्म को पसंद करता हु जो स्वतंत्रा,
समानता और भाईचारे का भाव सिखाता है !


किसी भी कौम का बिकास उस कौम की महिलाओ के बिकास से मापा जाता है !


लोग और उनके धर्म सामाजिक मनको द्वारा ,
सामाजिक नैतिकता के आधार पर परखे जाना चाहिए !


उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्म की बीमारी है।


जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हांसिल कर लेते,
क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके किसी काम की नहीं।


यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं,
तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।


हम को ये बात हमेसा याद रखना चाहिए, हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं।

kumarmukul598

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