Alone Shayari 2 Line in Hindi | 150+ अकेलापन शायरी हिंदी में

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Alone Shayari 2 Line in Hindi

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है।
☹️💟🍀💖💌

 

एक तेरे ना होने से बदल जाता है सब कुछ
कल धूप भी दीवार पे पूरी नहीं उतरी।
☹️💟🍀💖💌

 

दिल गया तो कोई आँखें भी ले जाता,
फ़क़त एक ही तस्वीर कहाँ तक देखूँ।
☹️💟🍀💖💌

 

कभी जब गौर से देखोगे तो इतना जान जाओगे,
कि तुम्हारे बिन हर लम्हा हमारी जान लेता है।
☹️💟🍀💖💌

 

कोई रफ़ीक़ न रहबर न कोई रहगुज़र,
उड़ा के लाई है किस शहर में हवा मुझको।
☹️💟🍀💖💌

 

ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया।
☹️💟🍀💖💌

 

Alone Shayari in Hindi

सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का,
मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता।
☹️💟🍀💖💌

 

एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुजरता नहीं।
☹️💟🍀💖💌

 

कमाल का ताना देती है ये दुनिया मुझे,
अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यों नहीं।
☹️💟🍀💖💌

 

तुम क्या गए कि वक़्त का अहसास मर गया,
रातों को जागते रहे और दिन को सो गए।
☹️💟🍀💖💌

 

उनसे मुलाक़ात के सिलसिले क्या बन्द हुए,
मुद्दतें बीती हैं आईने से रूबरू हुए।
☹️💟🍀💖💌

 

तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे,
मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया।
☹️💟🍀💖💌

 

मीठी सी खुशबू में रहते हैं गुमसुम,
अपने अहसास से बाँट लो तन्हाई मेरी।
☹️💟🍀💖💌

 

Alone Shayari in Hindi

वो हर बार मुझे छोड़ के चले जाते हैं तन्हा,
मैं मज़बूत बहुत हूँ लेकिन कोई पत्थर तो नहीं हूँ।
☹️💟🍀💖💌

 

कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे।
☹️💟🍀💖💌

 

मुझको मेरी तन्हाई से अब शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी मोहब्बत नहीं है।
☹️💟🍀💖💌

 

यूँ तो हर रंग का मौसम मुझसे वाकिफ है मगर
रात की तन्हाई मुझे कुछ अलग ही जानती है।
☹️💟🍀💖💌

 

जब से देखा है चाँद को तन्हा,
तुम से भी कोई शिकायत ना रही।
☹️💟🍀💖💌

 

तुम फिर ना आ सकोगे, बताना तो था ना मुझे,
तुम दूर जा कर बस गए मैं ढूंढ़ता ही रह गया।
☹️💟🍀💖💌

 

मैं हूँ दिल है तन्हाई है,
तुम भी जो होते तो अच्छा होता।
☹️💟🍀💖💌

अकेलेपन का दर्द भी अजीब होता है, दर्द तो होता है
लेकिन दर्द के आँसू आँखों से बाहर नहीं आते..!
☹️💟🍀💖💌

 

चन्द रातों के महकते ख़्वाब,
ज़िन्दगी भर की नींद ले गए।
☹️💟🍀💖💌

 

तेरे बगैर इस मौसम में वो मजा कहाँ,
काँटों की तरह चुभती है बारिश की बूँदें।
☹️💟🍀💖💌

 

ज़िंदगी में अकेले हो तो कभी हार मत मानो,
ज़िंदगी में अकेला आदमी कुछ भी कर सकता है.
☹️💟🍀💖💌

 

आँखें फूटें जो झपकती भी हों,
शब-ए-तन्हाई में कैसा सोना।
☹️💟🍀💖💌

 

तुम फिर ना आ सकोगे, बताना तो था ना मुझे,
तुम दूर जा कर बस गए मैं ढूंढ़ता ही रह गया।
☹️💟🍀💖💌

 

शाम खाली है जाम खाली है,
ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है।
☹️💟🍀💖💌

 

कितना भी दुनिया के लिए हँस के जी लें हम,
रुला देती है फिर भी किसी की कमी कभी-कभी।
☹️💟🍀💖💌

 

मैं भी तनहा हूँ और तुम भी तन्हा,
वक़्त कुछ साथ गुजारा जाए।
☹️💟🍀💖💌

 

I am Alone Sad Shayari in Hindi

एहतियातन देखता चल अपने साए की तरफ,
इस तरह शायद तुझे एहसास-ए-तन्हाई न हो।
☹️💟🍀💖💌

 

चला जाऊंगा जैसे खुद को तनहा छोड़ कर,
मैं अपने आपको रातों में उठकर देख लेता हूँ।
☹️💟🍀💖💌

 

कभी घबरा गया होगा दिल तन्हाई में उनका,
मेरी तस्वीर को सीने से लगा कर सो गए होंगे।
☹️💟🍀💖💌

 

बंद मुट्ठी से याद गिरती है रेत की मानिंद,
वो चला गया ज़िन्दगी से ज़र्रा-ज़र्रा कर के।
☹️💟🍀💖💌

 

काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को,
किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते।
☹️💟🍀💖💌

 

कुदरत के इन हसीन नजारों का हम क्या करें,
तुम साथ नहीं तो इन चाँद सितारों का क्या करें।
☹️💟🍀💖💌

 

कभी सोचा न था तन्हाइयों का दर्द यूँ होगा,
मेरे दुश्मन ही मेरा हाल मुझसे पूछते हैं।
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देख कर चेहरा पलट देते हैं अब वो आइना,
मौसम-ए-फुरकत उन्हें सूरत कोई भाती नहीं।
☹️💟🍀💖💌

 

चंद लम्हों के लिए एक मुलाक़ात रही,
फिर ना वो तू, ना वो मैं, ना वो रात रही।
☹️💟🍀💖💌

 

रास्ता मुझको दिखाया और ओझल हो गए,
आप के रहमो-करम का शुक्रिया कैसे करूँ।
☹️💟🍀💖💌

 

तेरे सहारे मौत से लड़ता रहा ता-ज़िंदगी,
क्या करूँ इस ज़िंदगी का मैं बता तेरे बिना।
☹️💟🍀💖💌

 

क्या करेंगे महफिलों में हम बता,
मेरा दिल रहता है काफिलों में अकेला।
☹️💟🍀💖💌

 

खुश तो बहुत होंगे आप हमे तनहा छोड़ के,
लेकिन जब भी तनहा रहोगे दिल में सिर्फ मुझे पाओगे.
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तन्हाई रही साथ ता-जिंदगी मेरे,
शिकवा नहीं कि कोई साथ न रहा।
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सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई,
दुनिया की वही रौनक दिल की वही तन्हाई।
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तेरे जल्वों ने मुझे घेर लिया है ऐ दोस्त,
अब तो तन्हाई के लम्हे भी हसीं लगते हैं।
☹️💟🍀💖💌

 

वक़्त तो दो ही कठिन गुजरे है सारी उम्र में,
इक तेरे आने के पहले इक तेरे जाने के बाद।
☹️💟🍀💖💌

 

बस इतना होश है मुझे रोज-ए-विदा-ए-दोस्त,
वीराना था नजर में जहाँ तक नजर गयी।
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हुआ है तुझसे बिछड़ने के बाद ये मालूम,
कि तू नहीं था तेरे साथ एक दुनिया थी।
☹️💟🍀💖💌

 

जिंदगी की राहों पर कभी यूँ भी होता है,
जब इंसान खुद को पढ़ता है अकेले में।
☹️💟🍀💖💌