4 Line Romantic Shayari In Hindi | चार लाइन रोमांटिक शायरी हिंदी में

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4 Line Romantic Shayari In Hindi

जब जब तुझको देखु अपना सुकून खोता हूँ,
तुमसे मिलने के खातिर हर पल तड़पता हूँ,
अब तो जालिम अपने घर का पता दे दे,
तेरे लिए सारे शहर में भटकता रहता हूँ.

 

जब याद करोगे तुम चाहने वालो की तरह
याद आ ही जायेंगे हम टूटे हुए प्यालों की तरह।
जब तन्हा होकर अँधेरो से डर जावोगे
मेरी यादें तुम्हारे कमरे में फैल जाएगी उजालो की तरह.

 

तेरा एहसान हम कभी नही चुका सकते,
तु अगर माँगे जान तो इनकार नही कर सकते,
माना जिन्दगी लेती है इम्तिहान बहुत,
तु अगर हो साथ तो हम कभी हार नहीं सकते.

 

चाहा है तुम्हें अपने अरमान से भी ज्यादा,
लगती हो हसीन तुम मुस्कान से भी ज्यादा,
मेरी हर धड़कन हर साँस है तुम्हारे लिए,
क्या माँगोगे जान मेरी जान से भी ज्यादा।

 

गले मिलकर गले को दबा देना
ये अदाए राज तुमने है सीखा कहा से,
किया था मुझसे वादे साथ जीने मरने का
और हमको अकेले ही रुख्सत कर दिया है जहाँ से.

 

4 Line Romantic Shayari In Hindi

माना कि खत मेरे सारे जला डाले होंगे
होंठो पर तेरे नफरतों के छाले होंगे।
कुछ पल मेरे बारे में भी सोचना ऐ राज
तुम से बिछड़कर खुद को कैसे सम्हाले होंगे.

 

अब भी होता है तेरी मौजूदगी का भरम
भले तोड़ डाला है अंदर से ये इश्के करम,
नही भूल पाता हूँ चाहकर भी तुझको ऐ राज
अब तो आने लगी मुझको अपनी मोहब्बत पे शर्म.

 

सपनों की दुनिया में हम खोते चले गए,
मदहोश न थे पर मदहोश होते चले गए,
ना जाने क्या बात थी उस चेहरे में,
ना चाहते हुए भी उसके होते चले गए।

 

चोट खाकर मोहब्बत में महसूस ये हुवा।
बड़े नादान है ये लोग इनसे मोहब्बत न करना।
छीन लेंगे हँसी होठों से तेरी ऐ राज
जिंदगी भर तड़पते रहोगे वरना।।

 

आजकल तू भी गैरो की महफ़िल में शामिल हो गया।
मुझको मेरी मोहब्बत का हक अब हासिल हो गया।
शायद अब नही रहे लोंगो के पाकीजा ख्यालात।
जबसे घायल लहरों से साहिल हो गया।।

 

4 Line Romantic Shayari In Hindi

लगी है किसी की मेरी मोहब्बत को नजर
सूना सूना सा लगने लगा है ये मोहब्बतों वाला शहर।
ऐ राज लौट आ अब इस बिरान शहर में
होता नही है अब यहाँ किसी भी मौसम का असर।।

 

अरे जान ये तुमने ये क्या कह दिया मैं तो
तुमसे वफ़ा की उम्मीद लगाये बैठा हूँ।
मैं तो कब का तुम्हारा हो गया था
सपने हजारो तेरे संग ऐ राज सजाये बैठा हूँ।।

 

पास जो तू मेरे होता तो मैं तुम्हारा लब चूम लेता।
होकर मगन ऐ राज कुछ पल मैं झूम लेता।
नही गजरने देता तन्हाइयो को अपने करीब से
कुछ पल मोहब्बत में तेरे आगोश में मैं घूम लेता।।

 

बढ़ती ही जा रही है अब इंतजार की घड़ियां
अब एक एक पल काटने को दौड़ता है।
तू बेखबर है मेरे हाले दिल से ऐ राज
क्यू मेरे अरमानों को पैरों तले रौंदता है।।

 

खो चुका हूं मैं खुद को तुम्हे खोजते खोजते,
कहा चले गए ऐ राज मेरे रोकते रोकते,
अजीब फाशले बन गए भीड़ में दुनिया की,
रो ही पड़ता हूँ तुम बिन ऐ राज हँसते हँसत !

 

4 Line Romantic Shayari In Hindi

इस कदर जो तुम बेकरारी जो बढ़ाते रहोगे
प्यार से प्यार अपना किसको फिर कहोगे।
चले जायेंगे एक दिन छोड़ कर तेरी दुनिया ऐ राज
लौट कर नही आएंगे तुम फिर बुलाते रहोगे।।

 

ज़ुबान खामोश, आँखों में नमी होगी,
यही बस मेरी एक दास्ताँ-ए-ज़िन्दगी होगी,
भरने को तो हर ज़ख़्म भर जायेगा,
कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।

 

मोहब्बत को रुशवाईयो की बाजार में बेचने वाले
तुम्हे हमसे बढ़िया दिलदार नही मिलेगा।
मिल ही जायेंगे तुम्हे बहुत से सौदा करने वाले ऐ राज
मगर इस जमाने हमसा कोई खरीददार नही मिलेगा।।

 

मेरी चाहतों का ऐ राज तू सौदा न करना।
मुझे कभी भी रुषवा औऱ तन्हा न करना।
तेरे सिवा कोई औऱ नही है जिसे मैंने चाहा है।
मर ही जायेंगे तुम्हारे बिना अपने से कभी जुदा न करना।।

 

तुम्हारे होंठ यू मुश्कराते रहे
तू खुद को हमेशा सब से मिलाते रहे।
मत भूल जाना कि कोई और भी तेरा तलबगार
मुझसे भी ये रिश्ता दोस्ती का निभाते रहन।।

 

आज भी तेरा इंतजार बड़ी सिद्दत से किये जाता हूँ।
कैसे कहु की किस हाल में जिये जाता हूँ।
इतने दर्द के बाद तू उफ भी नहीं करता
मैं तो तेरी मोहब्बत में खुद को पागल किये जाता हूँ।।

 

उनकी जुल्फों के हम गुलाम हो गए।
ये अलग बात है कि बदनाम सरेआम हो गए।
अब भी नही भूले है तेरे घर के रास्ते ऐ राज
क्या हुवा जो मेरे दिलो दिमाग के कत्लेआम हो गए।।

 

4 Line Romantic Shayari In Hindi

प्यार करते हो मुझसे तो इज़हार कर दो,
अपनी मोहब्बत का जिक्र आज सरे आम कर दो
नहीं करते अगर प्यार तो इंकार कर दो,
ये लो मेरा मासूम दिल इसके टुकड़े हज़ार करदो।

 

तेरा ख्याल ही तो है जो दिल से जाता नहीं है
तेरे शिवा कुछ और ख़यालो में आता नहीं है।
तुमने इस कदर छेड़ा है तार मेरे दिले अंजुमन का
तुझे चाह कर भी दिल भूल पाता नही है।।

 

कभी तो मुझे तू अपना मान ही लेगा।
कभी तो मेरी मोहब्बत को तू पहचान ही लेगा।
माना कि घिरा हुआ है तू गुरवत की भीड़ में।
मैं भी तुम्हारा हूँ एक न एक दिन जान ही लेगा।।

 

उनको खबर है मेरे टूटे अरमानों की,
आज जरूरत पड़ेगी काँच के पैमानों की।
खाली न होने देना जाम यारों,
वर्ना फिर से याद आ जाएगी गुजरे जमाने की।।

 

खूबसूरत बहुत हो मग़र बेवफा नही।
होठो पर हसी है मगर दिल में दगा नही।
तुमसे मिलकर के ही जाना है राज
तुम जैसा कोयी और मुझको मिला नही।।